स्कंद माता की कहानी: माता की महिमा और उनकी उपासना का रहस्य

 

भूमिका:
नवरात्रि में पंचम दिन मां दुर्गा के स्कंद माता की पूजा की जाती है। स्कंद माता को भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता कहा जाता है। इनकी उपासना करने से साधक को सुख, शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस लेख में हम स्कंद माता की कहानी, स्वरूप, महत्व और पूजा विधि को विस्तार से समझेंगे।


1. स्कंद माता कौन हैं? (Skandamata Kaun Hain?)

स्कंद माता देवी दुर्गा का पंचम स्वरूप हैं। इन्हें स्कंद (कार्तिकेय) की माता होने के कारण यह नाम मिला। स्कंद माता मंगलकारी और प्रेममयी देवी हैं, जो अपने भक्तों को हर संकट से बचाती हैं।

स्वरूप और विशेषता:

  • स्कंद माता चार भुजाओं वाली होती हैं।

  • ये कमल के पुष्प पर विराजमान रहती हैं, इसलिए इन्हें पद्मासना भी कहते हैं।

  • इनके एक हाथ में भगवान स्कंद (कार्तिकेय) होते हैं

  • अन्य हाथों में कमल का फूल और अभय मुद्रा होती है।

  • इनका वाहन सिंह है।


2. स्कंद माता की पौराणिक कथा (Skandamata Ki Pauranik Katha)

पुराणों के अनुसार, जब दैत्यराज तारकासुर ने तीनों लोकों में आतंक मचा दिया, तब भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय (स्कंद) का जन्म हुआ
भगवान स्कंद ने बड़े होकर तारकासुर का वध किया और देवताओं को इस अत्याचारी से मुक्ति दिलाई।

इसलिए स्कंद माता को शक्ति और पराक्रम की देवी माना जाता है।


3. स्कंद माता की पूजा का महत्व (Skandamata Ki Pooja Ka Mahatva)

स्कंद माता की पूजा से भक्तों को कई लाभ मिलते हैं, जैसे:
संतान सुख की प्राप्ति होती है।
बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि होती है।
✔ जीवन में शांति और समृद्धि आती है।
संकटों का नाश होता है।


4. स्कंद माता की उपासना कैसे करें? (Skandamata Ki Upasana Kaise Karein?)

नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंद माता की पूजा की जाती है। सही विधि से पूजा करने से देवी शीघ्र प्रसन्न होती हैं।

पूजा विधि:

  1. स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  2. पूजा स्थान पर स्कंद माता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।

  3. पीले और लाल फूल चढ़ाएं।

  4. केले का भोग लगाएं, यह देवी को प्रिय है।

  5. "ॐ देवी स्कंदमातायै नमः" मंत्र का जाप करें।

  6. आरती करें और देवी से सुख-शांति की प्रार्थना करें।


5. स्कंद माता की कथा का आध्यात्मिक अर्थ (Skandamata Ki Katha Ka Adhyatmik Arth)

स्कंद माता की कहानी सिर्फ पौराणिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक गहराई भी रखती है।

  • भगवान स्कंद (कार्तिकेय) का अर्थ: आत्मज्ञान और विवेक।

  • स्कंद माता का अर्थ: प्रेम और करुणा।

  • तारकासुर: मनुष्य की बुरी आदतें और अज्ञान।

  • शिव और पार्वती: ध्यान और साधना।

यह कहानी बताती है कि जब हम ज्ञान, ध्यान और प्रेम का संगम करते हैं, तो हम जीवन के हर संघर्ष को जीत सकते हैं।


6. स्कंद माता की आरती (Skandamata Ki Aarti)

आरती के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। स्कंद माता की आरती इस प्रकार है:

"जय तेरी हो स्कंद माता, जय जय मां!
पांचवे स्वरूप की तू माता, जय जय मां!!"

आरती गाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वातावरण पवित्र हो जाता है।


7. स्कंद माता के मंत्र (Skandamata Ke Mantra)

महत्वपूर्ण मंत्र:

1. बीज मंत्र:
"ॐ स्कंदमातायै नमः"
👉 108 बार जाप करें, इससे इच्छाएं पूरी होती हैं।

2. ध्यान मंत्र:
"या देवी सर्वभूतेषु स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।"


8. स्कंद माता का विशेष प्रसाद (Skandamata Ka Vishesh Prasad)

स्कंद माता को केला, नारियल और दूध अत्यधिक प्रिय हैं।

  • केले का भोग: संतान सुख प्राप्त होता है।

  • नारियल का भोग: मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

  • दूध का भोग: मानसिक शांति और सुख मिलता है।


9. स्कंद माता के चमत्कारी लाभ (Skandamata Ke Chamatkari Labh)

भक्तों को होने वाले अद्भुत लाभ:

संतान प्राप्ति में सहायता होती है।
परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
मन की अशुद्धियों का नाश होता है।
धन और व्यापार में वृद्धि होती है।
सभी तरह के कष्ट समाप्त हो जाते हैं।


10. स्कंद माता की पूजा से जुड़ी मान्यताएं (Skandamata Ki Pooja Se Judi Manyataayein)

  • स्कंद माता की कृपा से निःसंतान दंपत्ति को संतान सुख प्राप्त होता है।

  • इनकी पूजा करने से शत्रुओं पर विजय मिलती है।

  • स्कंद माता की पूजा करने से जीवन की हर समस्या का समाधान होता है।

  • जो लोग नियमित रूप से स्कंद माता की उपासना करते हैं, वे मोक्ष प्राप्त करते हैं।


निष्कर्ष (Conclusion)

स्कंद माता करुणा, ममता और शक्ति का अद्भुत संगम हैं। नवरात्रि के पांचवे दिन इनकी पूजा करने से सभी संकट समाप्त होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यदि आप संतान सुख, शांति, सफलता और मोक्ष चाहते हैं, तो स्कंद माता की भक्ति अवश्य करें

क्या आपने कभी स्कंद माता की पूजा की है? अपने अनुभव हमें कमेंट में बताएं! 🚩🙏

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