महाकुंभ में भगदड़: हादसे के बाद इस तरह अफसरों ने संभाला मोर्चा, डीजीपी के आदेश के बाद ऐसे सुधरे हालात
महाकुंभ में भगदड़: हादसे के बाद इस तरह अफसरों ने संभाला मोर्चा, डीजीपी के आदेश के बाद ऐसे सुधरे हालात
महाकुंभ में हुई भगदड़ के बाद शासन और प्रशासन ने इस पर काबू पा लिया। डीजीपी के निर्देशों पर पूरे पुलिस विभाग ने तत्परता से काम किया।

विस्तार
प्रयागराज महाकुंभ में हुए हादसे के बाद डीजीपी मुख्यालय हरकत में आ गया। डीजीपी प्रशांत कुमार, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने रात में ही मोर्चा संभालते हुए प्रयागराज व आसपास के जिलों के अफसरों को एहतियाती सुरक्षा प्रबंध करने के निर्देश देने शुरू कर दिए। इससे प्रयागराज में भीड़ का दबाव कम करने में काफी हद तक सफलता मिली।
डीजीपी के निर्देश पर प्रयागराज जाने वाले आसपास के जिलों के रास्तों को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया और श्रद्धालुओं को होल्डिंग एरिया में ही रोक लिया गया। इससे प्रयागराज में भीड़ का दबाव कम होने लगा। वहीं, मेला प्रशासन से स्नान कर चुके श्रद्धालुओं को वैकल्पिक मार्गों से वापस भेजने का प्रबंध करने को कहा गया, जिसके बाद संगम नोज पर भीड़ को नियंत्रित करने में सफलता मिली। वाराणसी और अयोध्या में भी पुलिस अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया।
दोनों शहरों में भी वाहनों के भीतर आने पर प्रतिबंध लगाने और उन्हें पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराने के निर्देश दिए गए। दोनों धार्मिक शहरों की ओर उमड़ रही भीड़ को नियंत्रित करने की कवायद देर रात तक जारी रही। बृहस्पतिवार को भी लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

महाकुंभ में बीती रात हुई 30 श्रद्धालुओं की मौत की घटना की जांच न्यायिक आयोग करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग से जांच कराने का आदेश दिया है। साथ ही, मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराने का निर्देश भी दिया है। इस दौरान सीएम योगी भावुक भी हो गए।
वहीं तमाम व्यवस्था के बावजूद घटना होने की वजह से मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और डीजीपी प्रशांत कुमार को बृहस्पतिवार को प्रयागराज जाने का निर्देश दिया गया है। दोनों अधिकारी घटना के कारणों की समीक्षा करेंगे और अपनी रिपोर्ट सीएम को सौंपेंगे। वहीं घटना के बारे में सीएम ने कहा कि यह दुखद और मर्माहत करने वाली है। उन सभी परिजनों के प्रति हमारी पूरी संवेदना है। हम लोग रात से ही लगातार मेला प्राधिकरण, प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के संपर्क में हैं। फिर भी अन्य जितनी भी व्यवस्थाएं हो सकती थीं, उन सबको वहां तैनात किया गया था।
वहीं तमाम व्यवस्था के बावजूद घटना होने की वजह से मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और डीजीपी प्रशांत कुमार को बृहस्पतिवार को प्रयागराज जाने का निर्देश दिया गया है। दोनों अधिकारी घटना के कारणों की समीक्षा करेंगे और अपनी रिपोर्ट सीएम को सौंपेंगे। वहीं घटना के बारे में सीएम ने कहा कि यह दुखद और मर्माहत करने वाली है। उन सभी परिजनों के प्रति हमारी पूरी संवेदना है। हम लोग रात से ही लगातार मेला प्राधिकरण, प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के संपर्क में हैं। फिर भी अन्य जितनी भी व्यवस्थाएं हो सकती थीं, उन सबको वहां तैनात किया गया था।
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